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WTO /GATT -Aggriment Indian government {GATTहै क्या है पहले तो ये जाने ओर क्यों भारत में लागू हुआ ओर किस हालत में }

 WTO {GATT}
 आइये जानते है क्या है  GATT  ●
G - GENERAL {साधारण}
A - AGGRIMENT {समझौता}
T - ON TRADE {व्यपार}
T - On Tarife {टेक्स}

  दुनिया के 23 देशो ने इसे मिल कर शुुरू किया था भारत भी इनमे एक था 1947 को भारत आजाद हुआ '1948 से GATT शुरू हुआ ;   gatt को शुरू करवानेे में भारत एक महत्वपूर्ण  देेश  था                                                                                                                         1945 में दूसरा  विस्व युद्ध।  खत्म हुआ था ओर 1939 में शुरू  हुआ था  दूसरे विस्व  युद्ध के        दौरान  आमतौर  देेशो की अर्धव्यवस्था  समाप्त हो  
हो गई  थी  तो अमीर देशो की गिनती में उस समय .>   ब्रिटेन सबसे ऊपर थ  उसके नजदीक

 >>>>>>फ्रांस ,जर्मनी ,स्पेन, पुर्तगाल, अमेरिका ,कनाडा, 
             आदि देश आते थे     दूसरे विस्व युद्ध में अगर किसी देश को फायदा हुआ था तो वह था अमेरिका  क्योकि दूसरा विस्व युद्ध अमेरिका की जमीन पर नही लड़ा गया था  दूसरे विस्व युद्ध में जो लड़ाई का स्थान था वो था  यूरोप  ओर यूरोप में भी केंद्रीय यूरोप था   य वेस्टन यूरोप भी कहा जाता है  क्योकि दूसरे विस्व युद्ध में जो हथियार इस्तेमाल हुए थे वो अमेरिका ने बेचे थे  माने दूसरे विस्व युद्ध में दोनों देशो को हथियार बेचने वाला  अमेरिका था                 दुनिया में कुल देश है 204  ओर 126 देश  GATTमें शामिल है  इनमे ये समझोता हुआ के  के अगर कोई देश अपना समान दूसरे देश में बेचने के लिए अगर कोई झगड़ा होता है तो  तो GATT में इसका हल होगा                                                             1948 से 1986 तक ये इस आधार पर काम करता रहा     1986 में यूरोपियन देशो ने तय किया की हमे ज्यादा से ज्यादा अपना समान बेचने के लिए इसमें परिवर्तन कराया जाए  ,क्योकि पहले तो इनकी सीमा  थी अगर ज्यादा माल विदेशी है उसको रोकने के लिए या तो ज्यादा टेक्स लगा दिया जाता था या तो उसका मापदण्ड तय कर दिया जाता था सभी देश ऐसा करते थे  यूरोपियन देशो ओर अमेरिका के देशो में उत्पादन जायद है ओर उपभोग कम है ...>

      अर्धशास्त्रीय परिभाषा में ये कहा जाता है अगर देश मे उत्पादन ज्यादा है ओर उपभोग कम है तो देश में मंदी आ जाती है   

                   तो इन्होंने बोलना शुरू कर दिया के  के नियम बदलो ये पुराने हो गए है GATT शुरू हुआ 1948 मेयर 1981 में इन्होंने कहना शुरू कर दिया के  अब GATT  के नियम में बदलाव लाया जाए ये काफी पुराने हो गए है क्योकि ये ऐसा नियम बनाना चाह्ते थे की  हमारा माल दुनिया के देशो में जायद से ज्यादा बिके ओर इसमें कोई पाबन्दी न लगे  ये रणनीति अपनाना चाहते थे  तो GATT ने मिल के तय कर लिया के पुराने नियम बदलो ओर नए नियम बनाओ  नए नियम बनाने के लिए एक समिति बनाई गई    ओर इसका काम एक व्यक्ति को दिया गया  ..आर्थर डंकल  इसे इस समिति का अध्यक्ष बना दिया गया  फिर इसने 24,.25 सदस्यों को चुन लिया जो इसके साथ काम करेंगे  जब ये काम शुरू हुआ तो दुनिया के सभी देशो  के लिए एक  प्रस्ताव या ड्राफ्ट बना दिया  जिसका नाम रख दिया 
डंकल ड्राफ्ट  ओर बाद में इसका नाम हो गया 
 GATT AGRRIMENT  ओर जब ये लागू होगा
 >1 जनवरी 2005  में तो इसका नाम  हो जायगा     _____WTO AGRRIMENT _____________

              _ ये तीन पड़ाव थे इस प्रस्ताव में 2000 शर्ते है ओर विचित्र विचित्र शर्ते है __
        भारत ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किये _________15 दिसम्बर 1984 ओर अमेरिका ने भारत के बाद हस्ताक्षर किये  ओर सबसे लास्ट में चीन ने किये      _____ 
                1991 में भारत में सरकार बनी तो देश बकली हालत काफी खराब थी  आर्थिक मंदी थी  तो भारत ने  BANK OF INDIA  में सोना गिरवी रखा  __47 मीट्रिक टन    1 मीट्रिक टन में 1000 किलोग्राम होता है  ओर 47000 किलोग्राम सोना गिरवी  रख कर भारत ने कर्जा लिया था ओर भारत ने अमेरिका  यूरोपीयन देशो की ओर भी हाथ बढ़ाया था  तो इन देशो को मोका मिल गया  ओर कर्जे के लालच में  फसा कर  इन्होंने GATT पर हस्ताक्षर करवा लिए थे अगर कर्ज चाहिए तो हस्ताक्षर करो   __________GATT  में    जो शर्ते है ओर कितनी विचित्र शर्ते है  ओर कतनी खतरनाक शर्ते है ओर वो किस तरह से भारत को बर्बाद कर रही है _____________________ये जानने के लिए कॉमेंट बॉक्स पे कॉमेंट करे      मेरे ब्लॉग के माध्यम से अगर आपको जानकारी अछि लगी हो तो कृपया लाइक ओर शेयर ओर मुझे ब्लॉग पर FOLLOW  करे   धन्यवाद    ______               
        KK RAJPUT

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